हिंदी भाषा की विशेषताएँ


हमारी हिंदी
  • हिंदी का उद्भव भाषाओं की जननी संस्कृत से हुआ है जो आज  तकनीकी क्षेत्र में प्रयोग के लिए सर्वाधिक उपयुक्त भाषा मानी जा रही है।
  • हिंदी के व्याकरणिक नियम प्रायः अपवाद-रहित हैं इसलिए आसान हैं।
  • हिंदी की वर्णमाला दुनिया की सर्वाधिक व्यवस्थित वर्णमाला है। इसमें स्वरों और व्यंजनों को अलग-अलग व्यवस्थित किया गया है। इसके अतिरिक्त सभी वर्णों को उनकी उच्चारण स्थानादि की विशेषताओं के आधार पर रखा गया है।
  • हिंदी की लिपि (देवनागरी) विश्व की सर्वाधिक वैज्ञानिक लिपि है।
  • हिंदी का शब्दकोष बहुत विशाल है और एक-एक भाव को व्यक्त करने के लिए सैकड़ों शब्द विद्यमान हैं।
  • हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।
  • हिंदी पूरे भारत और दुनिया के कई देशों (अमेरिका सहित) में बोली और समझी जाने वाली भाषा है।
  • प्रयोग को दृष्टि से भी हिंदी इतनी समृद्ध है कि इसकी सैकड़ों बोलियाँ प्रचलित हैं जिनमें से कई बोलियों और उपभाषाओं में प्रचुर साहित्य उपलब्ध है।
  • हिंदी दुनिया की सर्वाधिक तीव्रता से प्रसारित हो रही भाषाओं में से एक है।
  • हिंदी बहुत सरल और लचीली भाषा है जिसे सीखने में विशेष कठिनाई नहीं होती।
  • ऐसे समय में जबकि सारी दुनिया की निगाहें भारत की ओर लगी हैं, भारत के विकास के साथ ही दुनिया में हिंदी का महत्व बढ़ना भी निश्चित है।
  • देश को पुन: विश्वगुरु बनाने के साथ ही हिंदी को भी विश्वभाषा बनाने का संकल्प लें।
  • कृपया मातृभाषा का प्रयोग करें; हिंदी का प्रयोग करें।

Image courtesy:ashokvichar.blogspot.com

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