हिंदी महीने

"मेरे नैना सावन भादों फिर भी मेरा मन प्यासा" क्या कभी किशोर कुमार के गाये इस गाने को सुनकर आपके मन में इनके विषय में जिज्ञासा हुई है? यदि हाँ तो आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से। भारतीय पंचांग के अनुसार नव वर्ष का आरंभ अंग्रेजी महीने मार्च-अप्रैल के बीच चैत्र नामक मास से होता है। इस महीने का नाम चैत्र इसलिए रखा गया क्योंकि इस माह की पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में होता है। इसी प्रकार विशाखा से वैशाख, ज्येष्ठा से ज्येष्ठ अर्थात् जिस माह की पूर्णमासी को चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है उस माह का नाम उसी नक्षत्र के आधार पर होता है। इस तरह कुल 12 हिंदी महीने होते हैं।
प्रत्येक महीने में 15-15 दिनों के दो पक्ष होते हैं-
शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।
प्रस्तुत है पूरी सूची-

1-चैत्र           मार्च-अप्रैल
2-वैशाख      अप्रैल-मई
3-ज्येष्ठ         मई-जून
4-आषाढ़      जून-जुलाई
5-श्रावण       जुलाई-अगस्त
6-भाद्रप्रद      अगस्त-सितम्बर
7-आश्विन       सितम्बर-अक्टूबर
8-कार्तिक       अक्टूबर-नवम्बर
9-मार्गशीर्ष      नवम्बर-दिसंबर
10-पौष          दिसंबर-जनवरी
11-माघ          जनवरी-फरवरी
12-फाल्गुन      फरवरी-मार्च

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