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Showing posts from November, 2014

कोई दीवाना कहता है-डॉ. कुमार विश्वास

आधुनिक हिंदी काव्य में लोकप्रिय कवि एवं राजनेता कुमार विश्वास का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं।आइए आज पढ़ते हैं उनकी बहुचर्चित रचना "कोई दीवाना कहता है"-

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को, बस बादल समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है, या मेरा दिल समझता है मोहब्बत एक एहसासों की, पावन सी कहानी है
कभी कबीरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी है
यहाँ सब लोग कहते है, मेरी आँखों में आंसू है
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है