हिंदी भाषा में रोजगार (करियर) | Career in Hindi

हिंदी भाषा में रोजगार के अवसर carreer in hindi language

Career in Hindi Language हिंदी में करियर (रोजगार) की अपार संभावनाएँ हैं। इस समय अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ हिंदी का अध्ययन करने वाले युवा अपना भविष्य सँवार सकते हैं। आज हम इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

हिंदी दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। इस समय दुनियाभर में हिंदी बोलने वालों की संख्या ५५ करोड़ से अधिक है वहीं हिंदी समझ सकने वाले लोगों की संख्या १ अरब से भी ज्यादा है। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, इंटरनेट, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच और संस्थाओं में हिंदी के प्रयोग में गुणात्मक वृद्धि हुई है। फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब तथा व्हाट्सएप जैसे अनुप्रयोगों में तो अब हिंदी का ही दबदबा है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी हिंदी में बहुत बड़े पैमाने पर काम करना शुरू कर दिया है। 

आइए नजर डालते हैं उन तमाम क्षेत्रों पर जिसमें हिंदी पढ़ने वाले छात्र अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं साथ ही अपनी राष्ट्रभाषा के संवर्धन का पुण्य भी प्राप्त कर सकते हैं।

पत्रकारिता (Journalism)


हिंदी का अध्ययन करने वाले छात्रों के बीच पत्रकारिता  रोजगार का एक आकर्षक विकल्प है जहाँ मेहनती और प्रतिभावान युवाओं के लिए बहुत संभावनाएँ हैं। इस समय सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले समाचार पत्रों और सबसे ज्यादा देखे जाने वाले समाचार चैनलों में दो तिहाई से अधिक हिंदी भाषा के ही हैं। समाचार चैनलों और अखबारों के अलावा भी हिंदी के अनेक चैनल और पत्र-पत्रिकाएँ हैं जो सुयोग्य युवाओं के स्वागत में तैयार खड़े हैं।
इस क्षेत्र में सफल होने के लिए आवश्यक है कि भाषा पर आपकी पकड़ बहुत अच्छी हो और आप अपनी बातों को सरलता और सहजता से अभिव्यक्त कर सकें जिसमें हिंदी भाषा और साहित्य का अध्ययन विशेष लाभप्रद है। पत्रकारिता में आने की इच्छा रखने वाले युवाओं को अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं के प्रति सजग और संवेदनशील होना भी बहुत जरूरी होता है।

राजभाषा अधिकारी (Rajbhasha Officer)


केंद्रीय संस्थानों और कार्यालयों में राजभाषा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है जो अपने यहाँ हर प्रकार से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देते हैं और हिंदी में कामकाज को सुगम बनाते हैं। यदि आप हिंदी विषय में परास्नातक हैं और स्नातक स्तर पर एक विषय के रूप में अंग्रेजी का भी अध्ययन किया है तो राजभाषा अधिकारी के रूप में आप अपने करियर को पंख लगा सकते हैं। यहाँ आपको ऊँचे वेतनमान के साथ हिंदी भाषा के क्षेत्र में कार्य करने का अच्छा अवसर मिलता है।

अध्यापन (Teaching)


हिन्दी का अध्ययन करने वालों के बीच अध्यापन एक पारंपरिक करियर विकल्प के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ उच्च शिक्षण संस्थानों से लेकर प्राथमिक स्तर तक शिक्षण के अवसर योग्यतानुसार उपलब्ध रहते हैं और इसे सदाबहार करियर माना जाता है। हिन्दी विषय में परास्नातक करने के उपरांत समय-समय पर आयोजित होने वाली 'राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा' (NET) में सम्मिलित हुआ जा सकता है। इसमें अधिकतम अंक प्राप्त करने वालों को 'जूनियर रिसर्च फेलोशिप' (JRF) प्रदान की जाती है। जिसके माध्यम से शोधकार्य (PHD) करने वाले छात्रों को प्रतिमाह 30,000/- छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है वहीं परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को महाविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर और प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति का अवसर मिलता है।


हिन्दी विषय में परास्नातक छात्र केंद्रीय विद्यालयों और राज्यों के माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रतियोगी परीक्षा में सफल होना पड़ता है। जिन छात्रों ने स्नातक के साथ बीएड किया है वे प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्नातक के बाद बीटीसी,जेबीटी अथवा डीएलएड/ बीएलएड करने वाले छात्र प्राथमिक शिक्षा-संस्थानों में भी अध्यापक बन सकते हैं।

अनुवादक/दुभाषिया (Translator and Interpreter)


अनुवाद का क्षेत्र बहुत बड़ा है। दुनिया भर में जैसे-जैसे हिन्दी का प्रयोग बढ़ रहा है वैसे-वैसे अनुवादकों और द्विभाषाविदों की माँग बढ़ती जा रही है। अनेक देशी-विदेशी मीडिया संस्थान, राजनैतिक संस्थाएँ, पर्यटन से जुड़े संस्थान और बड़े-बड़े होटलों में अनुवादकों और दुभाषियों की अच्छी खासी माँग है। युवाओं को चाहिए कि अपने अनुरूप अवसरों को तलाश कर इस क्षेत्र में अपना भविष्य सुरक्षित करें।


रेडियो जॉकी और समाचार वाचक (Radio Jockey and News Reader)


रेडियो जॉकी एक ऐसा कॅरियर है जिसमें आपकी आवाज़ देश-दुनिया में सुनी जाती है। ऑल इण्डिया रेडियो पर प्रस्तोता अमीन सायानी का वो अंदाज़ "जी हाँ भाइयों और बहनों" हम आज तक नहीं भूले है। आज भी रेडियो मिर्ची पर आर जे नवेद हमेशा ट्रेंडिंग में रहता है। बच्चा-बच्चा इस नाम से परिचित है। यह तो मात्र एक उदाहरण है। ऐसी बहुत सी प्रतिभाएँ हैं जो इस क्षेत्र में नाम और दाम कमा रही हैं। यदि आप भी भाषा पर अच्छी पकड़ रखते हैं, आवाज़ अच्छी है और आपमें श्रोताओं का मनोरंजन करने की क्षमता है तो यह एक बेहतरीन करियर है।
इसी से मिलता जुलता काम समाचार वाचक का भी है। इसमें आपको दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। बस आपको अपनी सधी हुई प्रभावशाली आवाज़ में समाचार पढ़ने होते हैं और देश-विदेश की घटनाओं की जानकारी देनी होती है। इनसे संबंधित कोई प्रोफेशनल कोर्स कर लेने से काम मिलने में आसानी हो जाती है।


रचनात्मक लेखन (Creative Writing)


रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में जाने वालों के पास दो विकल्प होते हैं। पहला है 'स्वतंत्र लेखन' (Freelancing) और दूसरा फ़िल्म, टीवी, रेडियो आदि संस्थानों में काम करते हुए लेखन। हालाँकि दोनों में कोई विशेष अंतर नहीं है। दोनों ही रूप में आप काम एक ही करते हैं। कुछ लोग किसी संस्था के नियमों और शर्तों में बंधकर काम करना कम पसंद करते है; उनके लिए स्वतंत्र लेखन बेहतर विकल्प होता है। आप शुरुआत किसी संस्था से जुड़कर कर सकते हैं और अनुभव हो जाने के बाद नौकरी छोड़कर फ्रीलांसिंग कर सकते हैं। इस माध्यम से आप घर बैठे काम करते हुए भी पैसे कमा सकते हैं।


ब्लॉग लेखन भी इन्हीं विकल्पों का एक शानदार उदाहरण है। इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के साथ करियर का सुनहरा अवसर है। आपअपनी पसंद का कोई विषय चुनकर इसकी शुरुआत कर सकते हैं और धैर्य के साथ मेहनत करते हुए और साथियों के परस्पर सहयोग से सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अच्छीखबर , हैप्पीहिन्दी, साहित्यशिल्पी आदि ऐसे ही कुछ ब्लॉग हैं जिन्होंने हिन्दी ब्लॉगिंग को नया आयाम दिया है।


हिन्दी भाषा  के प्रमुख शिक्षण संस्थान 

(Best institutes of Hindi language, Media and Mass communication)


नीचे हम हिंदी भाषा तथा  मीडिया, जर्नलिज्म आदि के प्रमुख शिक्षण संस्थानों का नाम दे रहे हैं जहाँ से आप अपनी पसंद के क्षेत्र में अध्ययन कर हिंदी में रोजगार के अच्छे अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

➢ अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय पंचटीला, वर्धा (महाराष्ट्र)

➢ माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल (मध्य प्रदेश)

➢ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन, जे एन यू कैम्पस (नई दिल्ली)

➢ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, बनारस (उत्तर प्रदेश )

➢ दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

➢ दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, चेन्नई (तमिलनाडु)

➢ आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)

➢ इग्नू (IGNOU), नई दिल्ली


अंत में कह सकते हैं कि विश्वभर में हिंदी भाषा के लगातार बढ़ते प्रयोग और प्रभाव ने हिंदी में रोजगार की संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोल दिये हैं और यह भविष्य में और अधिक रोजगारपरक होगी ऐसा निश्चित जान पड़ता है। आप अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुसार अपना क्षेत्र चुनकर अपना भविष्य सँवार सकते हैं।


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