हिंदी भाषा, साहित्य, गीत, गजल, शायरी व विविध उपयोगी सामग्री हिंदी में

नवीनतम

Post Top Ad

Your Ad Spot

03 सितंबर 2017

प्यार को दोस्ती बताता हूँ

प्यार को दोस्ती बताता हूँ।
झूठ यूँ दिल से बोल जाता हूँ।।

जब भी सोचूँ उसे तन्हाई में।
बाख़ुदा खुद को भूल जाता हूँ।।

उसकी बातें जो याद आती हैं।
मैं अकेले में मुस्कुराता हूँ।।

कभी हारूँ नहीं मैं दिल अपना।
हाँ मगर दिल से हार जाता हूँ।।

आँच आये न उसके दामन पर।
अपनी ही लौ में सुलग जाता हूँ।।

बालकृष्ण द्विवेदी 'पंकज'
मो०-९६५१२९३९८३

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages